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DM के फरमान से विभागों में मचा हड़कंप, एक्सपर्ट कमेटी का गठन कर 1 महीने में मांगी रिपोर्ट_我的网站

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一 |     ठाकुर डीपी आर्य, हापुड़। हापुड़ में सड़क हादसों में कमी लाने को लगातार प्रयास किए जाते हैं। हर महीने रोड सेफ्टी की मीटिंग डीएम की अध्यक्षता में होती हैं। प्रत्येक एक्सीडेंट का गहनता से अध्ययन एक्सपर्ट की टीम करती है। एक्सीडेंट होने के कारणों की जांच करने के साथ ही उनको दूर करने के प्रयास किए जाते हैं।,इसके लिए हर साल ब्लैक स्पाट का चयन किया जाता है। ब्लैक स्पाट के चयन के साथ ही उनको दूर करने के लिए जिम्मेदार विभाग को सौंपा जाता है। संबंधित विभाग एक-दो महीने में ब्लैक स्पाट को ठीक करा देने की रिपोर्ट देता है। इसके लिए मोटी धनराशि के बिल विभाग से पास करा लिए जाते हैं।,वहीं, इसके बावजूद संबंधित क्षेत्र में हादसे होने और उनके मौत होने का सिलसिला जारी रहता है। यह प्रक्रिया दशकों से अनवरत चल रही है। कुछ दिन बाद वही स्थान दोबारा से ब्लैक स्पाट की सूची में आ जाते हैं और पहले वाली प्रक्रिया दोहराई जाती है। ब्लैक स्पाट, मीटिंग, बजट, सुधार और फिर मिटिंग का यह खेल अनवरत रहा है।,अबकी बार जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय ने ब्लैक स्पाट ठीक कराने की रिपोर्ट वाले इसी बिंदू को पकड़कर जवाब तलब किया है। इससे संबंधित विभागों में हड़कंप मचा है। स्थिति यह है कि जिले की सड़कें लगातार खून से लाल हो रही हैं। जिन स्थानों को ब्लैक स्पाट के रूप में चयनित किया गया, फिर उनको ठीक करा देने का दावा किया गया।,वहीं पर फिर से हादसे हो रहे हैं। इस पर डीएम ने नाराजगी प्रकट की है। उन्होंने सीधा-सपाट सवाल मीटिंग में रखा, तो जवाब किसी के पास नहीं था। डीएम ने पूछा कि एक ही जगह-जगह पर बार-बार और बड़े-बड़े हादसे क्यों हो रहे हैं? इनको क्यों नहीं रोका जा रहा है। इस पर अधिकारी ब्लैक स्पाट आर रेड स्पाट की परिभाषा समझाने लगे। इस पर डीएम ने एक्सपर्ट कमेटी का गठन कर एक महीने में रिपोर्ट मांगी है।,अब टीम पांच साल में ठहराए गए एक-एक ब्लैक स्पाट की रिपोर्ट तैयार करेगी। इसमें संबंधित ब्लैक स्पाट पर हादसा होने के कारण, ब्लैक स्पाट को ठीक कराने वाली एजेंसी और ब्लैक स्पाट ठीक हो जाने के बाद संबंधित क्षेत्र पर हादसों की रिपोर्ट मांगी गई है। इससे अधिकारियों में हड़कंप मचा है।,दरअसल, ब्लैक स्पाट का निर्धारण परिवहन विभाग करता है। इन स्थानाें पर हादसे होने की रिपोर्ट पुलिस तैयार करती है और ब्लैक स्पाट काे ठीक कराने का कार्य पीडब्ल्यूडी के एक्सपर्ट करते हैं। इसके बाद भी हादसे होते रहने से डीएम नाराज हैं।,यह भी पढ़ें- Hapur News: पुल की जर्जर हालत से 20 गांवों के लोग परेशान, ग्रामीणों ने दी ये बड़ी चेतावनी

एक ही स्थान पर लगातार हादसे होना चिंता का विषय है। ब्लैक स्पाट को ठीक करा देने के बाद भी हादसे होना और भी गंभीर है। ऐसे स्थानों की रिपोर्ट तैयार करने के लिए पीडब्यूडी की बजाय किसी बड़े इंजीनियरिंग कालेज के एक्सपर्ट के साथ मिलकर टीम बनाने की जरूरत है। जिससे समस्या की पहचान कर समाधान तक पहुंचा जा सके। - छवि सिंह चौहान- एआरटीओ ब्लैक स्पाट ठीक होने वाली चीज ही नहीं है। यह गलतफहमी है कि ब्लैक स्पाट को ठीक कराकर एक्सीडेंट रुक जाएंगे या कम हो जाएंगे। एक्सीडेंट ब्लैक स्पाट के कारण नहीं होते हैं। हमको समझना होगा कि यह चालक की गलती से होते हैं। हाईवे इतना साफ और सही बना है। दूर तक दिखता भी है। फिर भी हादसे हो रहे हैं। हम दोबारा से सर्वे करा रहे हैं, लेकिन होने वाला कुछ नहीं है। - शैलेंद्र सिंह-एक्सईएन - पीडब्ल्यूडी
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快科技8月24日消息,近日,蔚来联合创始人、总裁秦力洪在公开活动上作出判断,预计2026年内国内乘用车市场的纯电车型渗透率就会超过50%,纯电取代燃油成为市场绝对主流的行业终局正在以远超之前预期的速度加速到来。秦力洪在现场进一步明确预测,就在今年当中的某一个自然月,纯电车型的市场占比就会正式跨过50%的临界点,纯电车型成为车市销量绝对主流的趋势已经完全不可逆转。推动这一判断的核心支撑数据之一,是今年7月蔚来品牌在国内8个省份的42座城市里,单月销量已经同时超过了奔驰、宝马、奥迪组成的德系豪华三强,在不少核心高端市场已经站稳了脚跟。更早之前,秦力洪就已经代表蔚来对外明确表态,蔚来未来绝对不会推出任何增程式车型,整个品牌的产品路线将始终坚定不移走纯电汽车赛道,不会为了短期销量随大流蹭增程的风口。按照秦力洪的解释,以蔚来团队现有的技术积累和整车研发能力,如果真的想要入局增程赛道,只需要20个月的开发周期就能拿出完全满足量产标准的成熟增程车型,做增程在技术层面根本不存在任何门槛,不想做从来都不是做不出来。秦力洪在这次公开采访中还给所有人算了一笔非常直白的产业账,平均每台车上多装一整套增程系统,额外要付出的物料制造成本差不多在2万元左右,如果按照100万辆车的年销规模来计算,全部车型搭载增程系统要多花出来的额外总成本就能达到200亿元。在他看来,掏出这200亿元去覆盖所有增程车型的额外系统成本,完全不如把这笔钱直接投到换电站的布局建设上,最后换来的用户补能体验提升和品牌长期价值收益,要比卖增程车赚的短期利润高得多。

二 | 秦力洪同时提到,前几年不少车企靠增程车型快速起量赚来的快钱,本质上本来就不属于行业应该赚的长期收益,眼下随着市场竞争进入白热化阶段,当初靠增程这条捷径埋下的所有隐患,现在所有选择走这条路的玩家都要慢慢偿还之前欠下的成本债,行业发展从来不存在真正可以抄的近路。蔚来秦力洪:预计年内纯电渗透率将超50% 不会推出任何增程式车型

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